RBI की चेतावनी, नियामकों में ढीलापन तो बैंकों को होगा नुकसान




नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक बार फिर नए कर्ज बांटने के लिए नियमों में तब्दीली के प्रयासों को लेकर चेतावनी दी।

जिनमें स्पष्ट रूप से कहा कि फंसे हुए कर्ज की बड़ी मात्रा और रिकवरी के अपर्याप्त प्रावधानों के बावजूद विनियामक पूंजीगत भार में किसी तरह की ढील बैंकों को सीधेतौर पर और अर्थव्यवस्था को सामान्य रूप से हानि पहुंचा सकती है।



रिपोर्ट के मुताबिक, बेसिल-3 मानक अंतरराष्ट्रीय सकल बकाया दर (सीडीआर) और रिकवरी रेट के आधार पर विभिन्न प्रकार के कर्ज देने वालों के लिए जोखिम भार जारी करते हैं। बताते चले कि आरबीआई ने ‘ट्रेंड्स एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग’ पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह चेतावनी दी है।

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