प्रशांत किशोर क्यों मिले थे उद्धव ठाकरे से, क्या था प्लान, पढ़िए चौंकाने वाला सच




नीतीश कुमार (बाएँ) और प्रशांत किशोर (फ़ोटो साभार: TOI)

नीतीश कुमार के कमांडर इन चीफ और जद-यू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलना बहुत ख़ास था. यह ख़ास था यह तो मिलने से पता चल ही गया. क्योंकि प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार हैं, नीतीश कुमार का चुनाव वही देखते हैं, पहले भी कई पार्टियों का चुनाव देख चुके हैं. नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने में प्रमुख कारकों में से प्रशांत किशोर की रणनीति भी मानी जाती है. ऐसे में भाजपा से नाराज़ शिव सेना के प्रमुख से उनका मिलना कई कयास को जन्म देते हैं.

एक अखबार ने इस मुलाक़ात का उद्देश बता कर राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है. अगर यह सच है तो यह भी भविष्यवाणी करना कठिन नहीं कि नरेंद्र मोदी का अगली बार प्रधानमंत्री बनना बहुत ही कठिन है.



प्रशांत किशोर 05 फ़रवरी (मंगलवार) को शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री में मिले थे. साथ में शिव सेना के तीसरी पीढ़ी के नेता उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे और शिव सेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत भी मौजूद थे.

मुलाक़ात के बाद संजय राउत ने मीडिया को कहा था ‘वह भाजपा के एक घटक दल के नेता हैं। उन्होनें उद्धवजी से मुलाकात की है। यह एक शिष्टाचार भेंट है न कि राजनीतिक भेंट।’

यह भी पढ़ें: शिव सेना प्रमुख उद्धव से मिले जद-यू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर

हालाँकि इकोनॉमिक्स टाइम्स ने शिव सेना के अंदर के सूत्रों के हवाले से कुछ और ही कहा. अखबार ने दावा किया है कि प्रशांत किशोर ने शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को एनडीए में बने रहने का सुझाव दिया और साथ ही आगामी चुनावों में शिव सेना की मुहीम में अपनी दक्षता (expertise) उनके लिए इस्तेमाल करने का भी आश्वासन दिया. जो सबसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं वह यह है उनहोंने उद्धव ठाकरे से लोक सभा के त्रिशंकु परिणाम आने पर नीतीश कुमार के नाम का समर्थन बतौर प्रधान मंत्री करने की सिफारिश की.

चुनावों की समीक्षा करते हुए उनहोंने कहा कि यदि आगामी लोक सभा में त्रिशंकु परिणाम आते हैं तो गैर-एनडीए पार्टियाँ नीतीश कुमार का नाम गैर कांग्रेसी मोर्चा के प्रधान मंत्री के तौर पर आगे बढ़ा सकते हैं. उनहोंने अनुमान लगाया कि YSR Congress Party, Biju Janata Dal, AIADMK और Telangana Rashtra Samiti संभावित रूप से नीतीश कुमार को बतौर प्रधानमंत्री के तौर पर समर्थन कर सकते हैं. उनहोंने बताया कि इन सभी लोगों को मिलाकर लगभग 100 सीटों की संभावना है. मतलब साफ़ है कि प्रशांत किशोर गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी गठबंधन बनाने के मूड में जिसका प्रधानमंत्री वह नीतीश कुमार को बनाना चाहते हैं.

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*