खुलासा: आधिकारिक आंकड़ों में नहीं शामिल नोटबंदी का नुकसान




नई दिल्ली : नोटबंदी को लेेकर देश के चार अर्थशास्त्रियों ने बहुत बड़ा खुलासा किया है जो बेहद चौंकाने वाला है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की गीता गोपीनाथ और गैबरिएल शोडरॉ रीक, गोल्डमैन सैक्स की प्राची मिश्रा और RBI के अभिनव नारायणन ने यूएस नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक्स रिसर्च (NBER)में एक रिसर्च पेपर जमा किया है.

अर्थशास्त्रियों ने अपने पेपर में लिखा है कि नोटबंदी की वजह से नवंबर और दिसंबर 2016 में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार में 3 फीसदी की कमी आई है. इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था की तिमाही ग्रोथ में 2 फीसदी की कमी आई. कहना है कि नतीजों से यह साफ पता चला है कि 2016 के अंत में इकोनॉमिक एक्टिविटीज में गिरावट आई है.



स्टडी में यह भी साफ हो गया कि नोटबंदी होने और नए नोट आने के दौरान अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर हुआ. नोटबंदी से सबसे कम और सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों या वो इलाके जहां कैश की आपूर्ति हुई और जहां नहीं हुई

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