मोहनभागवत ने की कांग्रेस की तारीफ, कांग्रेस ला सकती है सियासत में बड़ा उबाल




नई दिल्ली : नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज ‘भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का दृष्टिकोण’ के आयोजन किया।

जहाँ सभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने इस्लाम और ईसाई धर्म को भारतीय संस्कारों का प्रचलन होने की बात कही।

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि हिन्दू कटटर विचार धारा को मानने वाले मोहन भागवत ने कांग्रेस की तारीफ़ करते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा का बड़ा योगदान देश की स्वतंत्रता में रहा। बीजेपी की धुर विरोधी कांग्रेस की सराहना सियासत में उबाल ला सकती है। वो भी ऐसे समय जब कई राज्यों में विधानसभा और लोकसभा का चुनाव नजदीक है।

मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का मकसद एक व्यक्ति का सकारात्मक निर्माण करना और देश के लिए उसका अहम योगदान कर देश की उन्नती का प्रतीक बनना है। भागवत ने देश की सबसे बड़ी समस्या हिंदुओं को ही बताया। उनके मुताबिक हिंदुओं के पतन के साथ ही देश का पतन आरंभ हुआ।

मोहन भागवत के व्याख्यान से पहले संघ विचारक और दिल्ली विश्वविद्यालय में अर्थशात्र पूर्व प्रोफ़ेसर बजरंग लाल ने कहा कि ये कार्यक्रम इसलिए आयोजित किया गया ताकि लोग संघ के बारे में जानें।

लोकसभा चुनाव को लेकर जहाँ अलग अलग राजनीतिक पार्टियाँ इसी तैयारी में जुट गई है वही संघ के इस आयोजन से मीडिया द्वारा ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि संघ अपनी सकारात्मक छवि लोगों के सामने दिखने की कोशिश में लगा है।

आपको बताते चलें कि संघ ने इस कार्यक्रम में धर्मगुरुओं के अलावा, खिलाड़ियों, राजनयिकों और बॉलीवुड के कलाकारों के अलावा उद्योगपतियों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया था।

पहले दिन में बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल हुई जिसमे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, मधुर भंडारकर, हंसराज हंस, रवि किशन, मालिनी अवस्थी, अनु मालिक, अनु कपूर के अलावा अभिनेत्री मनीषा कोइराला भी शामिल रही थी।

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