पूरा तंत्र लगाने और नाच गाने का प्रोग्राम आयोजित करने के बाद भी नहीं पहुंची संकल्प रैली में भीड़




बीबीसी के नीरज प्रियदर्शी की यह तस्वीर भीड़ की संख्या को बखूबी बयान करते है (फोटो साभार: बीबीसी)

रविवार को एनडीए की ओर से पटना के गांधी मैदान में संकल्प रैली का आयोजन किया गया था और दावा किया गया था कि रैली में कम से कम आठ से दस लाख लोगों की भीड़ लगेगी. इसलिए लिए कई ट्रेन में सीटें बुक की गयी थीं और सैकड़ो बसों का भी इंतजाम किया गया था.

पुलवामा आतंकी हमले और फिर पाकिस्तान पर हवाई कार्रवाई और अभिनंदन की वापसी का जिस तरह से मीडिया ने गुणगान किया था तो एनडीए के लोगों को लगा कि यह रैली सफल होगी लेकिन जिस तरह से मीडिया ने रैली की तस्वीरों को प्रसारित किया उससे ऐसा लगा कि शायद ही 1 लाख लोग भी रैली में जमा हो पाए हों.

रैली की संख्या पर लालू का तंज़

लालू प्रसाद यादव ने रैली की संख्या पर तंज़ करते हुए कहा कि इतनी भीड़ तो हम पान की गुमटी पर गाड़ी रोक देते हैं तब जुट जाती है. “नरेंद्र मोदी, नीतीश और पासवान जी ने महीनों ज़ोर लगा सरकारी तंत्र का उपयोग कर गांधी मैदान में उतनी भीड़ जुटाई है जितनी हम पान खाने अगर पान की गुमटी पर गाड़ी रोक देते है तो इकट्ठा हो जाती है। जाओ रे मर्दों, और जतन करो, कैमरा थोड़ा और ज़ूम करवाओ।” उनहोंने ट्वीट किया. लालू प्रसाद जेल में हैं और उनका ट्वीट उनके परिवार वाले उनके विमर्श से करते हैं.

गिरिराज सिंह का देशद्रोही बयान और उनकी गैर हाज़री

गिरिराज सिंह ने तो इस रैली को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया था. स्थानीय मीडिया में छपे रिपोर्ट्स के अनुसार गिरिराज सिंह ने रैली से पहले बयान दिया था कि तीन मार्च को पटना के गांधी मैदान में होने वाली मोदी की संकल्प रैली में जो नहीं आएगा, वो देशद्रोही होगा. उन्होंने कहा था कि इस रैली से यह साबित हो जाएगा कि कौन पाकिस्तान के साथ खड़ा है और कौन हिन्दुस्तान के साथ. गिरिराज सिंह के इस बयान को लेकर जदयू ने आपत्ति जताई थी. इसके अलावा कांग्रेस और राजद ने भी भाजपा पर निशाना साधा था.

करिश्मा यह हुआ कि उनहोंने खुद रैली में गैर-हाज़िर हो कर खुद को देशद्रोहियों की श्रेणी में शामिल कर लिया.

ऐसा माना जा रहा है कि गिरिराज सिंह का इस बार नवादा से जो उनका लोक सभा क्षेत्र है टिकट कट गया है और उनकी जगह लोजपा से बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी लड़ेंगी. सिंह को बेगुसराय से लड़ने को कहा गया है लेकिन कन्हैया के वहां से लड़ने की संभावना के चलते वह आना कनी कर रहे हैं.

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!