शाह ने किया तुष्टीकरण बंद होने का दावा, आजाद ने किया पलटवार




आजाद ने कहा, "यह सरकार हमेशा खुद को गेम चेंजर बताती रही है। यह गेम चेंचर नहीं, नेम चेंजर है। हमारे पास स्कीमों की लंबी फेहरिस्त है जिसका सिर्फ नाम बदला गया है।"

नई दिल्ली, 05 फरवरी, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को संसद में जहां प्रधानमंत्री को देश में तुष्टीकरण की राजनीति का खात्मा करने का श्रेय दिया, वहीं कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह महात्मा गांधी के पुराने भारत को देखने की ख्वाहिश रखते हैं जहां हिंदू और मुसलमान एक-दूसरे के लिए खून देने को तैयार हों। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उच्च सदन में बहस हुई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस समेत प्रतिपक्ष में शामिल दलों ने सरकार पर सबका साथ सबका विकास के वादों को पूरा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा के सहयोगी दल तेलुगू देशम पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार आंध्रप्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।



राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए अमित शाह ने अपने पहले भाषण में नौकरियों व वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मसले पर सरकार का लगातार विरोध करने के लिए कांग्रेस की तीखी आलोचना की।

अमित शाह ने कांग्रेस पर तीन तलाक विधेयक व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के कानून की राह में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा वस्तु एवं सेवा कर को गब्बर सिंह टैक्स कहने को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की समस्या कांग्रेस के 55 साल के शासन द्वारा पैदा की गई है।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा मोदी के पकौड़े वाले बयान पर टिप्पणी को लेकर भी कड़ी निंदा की।

मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि पकौड़ा बेचने वाला जो हर रोज 200 रुपये कमाता है, उसे रोजगार माना जाना चाहिए।

अमित शाह ने कहा, “पकौड़ा बेचना शर्मनाक नहीं है, लेकिन इसकी तुलना भीख मांगने से करना शर्मनाक है।”

लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा की लगातार विजय का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा कि विरोधियों की बजाय लोगों का जनादेश सरकार के प्रदर्शन को आंकने का बेहतरीन तरीका है।

उन्होंने बीते साल गुजरात में भाजपा की विजय का विशेष उल्लेख किया। गुजरात शाह व मोदी का गृह राज्य है। गुजरात में दो दशकों तक सत्ता में रहने के बाद भाजपा ने जीत हासिल की।

शाह ने राहुल गांधी व कांग्रेस का मजाक बनाते हुए कहा, यदि कुछ लोगों को अपनी हार में जीत दिखती है तो हम उनकी मदद नहीं कर सकते।

कांग्रेस दो दशकों बाद गुजरात में इस साल सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था।

अमित शाह ने कहा, तीन कैंसर- वंशवाद की राजनीति, जातिवाद व तुष्टीकरण हैं जिनसे देश बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की राजनीतिक प्रणाली से इन सभी को उखाड़ फेंका है।

अमित शाह के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री भी सदन में मौजूद थे।

अमित शाह के करीब 80 मिनट के भाषण के दौरान मेजे थपथपाकर स्वागत किया गया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं के अधिकार, समानता व सामाजिक सुरक्षा के लिए तीन तलाक विधेयक लाई, लेकिन कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।

कांग्रेस सदस्यों ने इस पर अपनी बात रखनी चाही, इस दौरान शाह ने कहा कि विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया है, यदि कांग्रेस इसका समर्थन करती है तो इसे कल लाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कांग्रेस शाहबानो मामले में अदालत के फैसले को पलटने के लिए विधेयक लाई थी।

अमित शाह ने लोकसभा व विधानसभा चुनावों को साथ कराने के मुद्दे पर कहा कि इसका उल्लेख राष्ट्रपति के अभिभाषण में भी है। उन्होंने कहा कि इससे धन व बार-बार चुनाव कराने की जरूरत से बचा जा सकेगा।

उन्होंने साथ में लोकसभा व विधानसभा चुनाव कराने के मुद्दे पर चर्चा करने का आह्वान किया।

शाह ने बेरोजगारी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता के 70 सालों में कांग्रेस ने 55 सालों तक देश पर राज किया।”

अमित शाह ने कहा कि राजग सरकार ने इसका समाधान खोजा है व स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया व मुद्रा ऋण की शुरुआत की है।

शाह ने कहा, “कुछ लोग पकौड़ा बेचने के बारे में कई बातें कह रहे हैं। मैंने भी पी. चिदंबरम का ट्वीट पढ़ा। हां, मेरा मानना है कि बेरोजगार रहने से ज्यादा बेहतर पकौड़ा बेचना है। पकौड़ा बनाना व बेचना शर्म की बात नहीं है, लेकिन इसकी तुलना भीख मांगने से करना निश्चिय ही शर्मनाक है।”

उन्होंने विपक्ष के शोरगुल के बीच कहा, “आज यदि एक व्यक्ति पकौड़ा बेचकर अपना जीविकोपार्जन कर रहा है तो आने वाले कल में उसका बेटा एक बड़ा उद्योगपति बन सकता है। एक चाय विक्रेता का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है।”



आजाद ने शाह की ओर से उठाए गए मुद्दों पर जवाब देते हुए सरकार के न्यू इंडिया पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “हम नया भारत नहीं, पुराना भारत देखना चाहते हैं, जहां सभी धर्मो में सद्भाव हो। हिंदू और मुसलमान एक दूसरे के लिए खून देने के लिए तैयार हों। यही पुराना भारत है, जिसका आपने अपनी सरकार बनाने के लिए ध्रुवीकरण किया है। हम ऐसा भारत चाहते हैं जो भयमुक्त हो।”

उन्होंने भाजपा पर लोगों का ध्रुवीकरण करने और मुसलमान समुदाय को बांटने का आरोप लगाया।

आजाद ने कहा, “तीन तलाक का अपराधीकरण करना अत्यंत खतरनाक है। पहले आपने मुसलमान को शिया और सुन्नी के नाम पर बांटा और अब पति और पत्नी के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह समुदाय पहले से ही गरीब और पिछड़ा है और कानून को हाथ में लेकर भीड़ द्वारा हत्या जैसी घटना को अंजाम देने से भयभीत है।”

उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि 2जी मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार को अदालत से क्लीनचिट मिली है।

आजाद ने कहा, “यह सरकार हमेशा खुद को गेम चेंजर बताती रही है। यह गेम चेंचर नहीं, नेम चेंजर है। हमारे पास स्कीमों की लंबी फेहरिस्त है जिसका सिर्फ नाम बदला गया है।”

वंशवाद की राजनीति के आरोप को खारिज करते हुए आजाद ने कहा, “उस परिवार (नेहरू-गांधी परिवार) से कोई 30 साल से ज्याद समय तक प्रधानमंत्री नहीं रहे। वे सरकार का हिस्सा भी नहीं रहे।”

उन्होंेने कहा, “आप कुछ नेताओं से इतने डरे हुए हैं कि जब वे अब जीवित नहीं हैं फिर भी आप उनके बच्चों से भयभीत हैं। “

उन्होंने परोक्ष रूप से अमित शाह के बेटे जय शाह से जुड़ी कंपनी के कारोबार में अचानक 16000 गुना इजाफा होने का भी जिक्र किया और कहा कि सच्चाई छिपाए नहीं छिपती।

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