सोहराबुद्दीन केस में CBI जांच पर उठी उंगली




नई दिल्ली : सीबीआई ने सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के एनकाउंटर केस की जांच पहले से सोची गई थ्योरी के साथ कई नेताओं को फंसाने के लिए की थी।

स्पेशल सीबीआई जज ने यह बात हाल में 22 आरोपियों को बरी करते हुए कही। शुक्रवार को सामने आए फैसले के अंश से यह बात पता चली।

इतना ही नहीं फैसले में ये भी कहा गया है कि पूरी जांच का लक्ष्य उस मुकाम पर पहुंचने के लिए एक स्क्रिप्ट पर काम करना था। नेताओं को फंसाने के लिए सीबीआई के साक्ष्य गढ़े और आरोपपत्र में गवाहों के बयान दर्ज किए।



स्पेशल कोर्ट ने फैसले में कहा है कि सीबीआई ने आनन-फानन में जांच पूरी की और लापरवाही बरती। अदालत ने फैसले में कहा है कि तीन लोगों के मारे जाने का दुख है कि इसके लिए सजा नहीं मिल पाई। लेकिन कोर्ट के पास आरोपियों को बरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

इस मामले में अमित शाह का नाम भी शामिल रहा था जिसे लेकर जज एस. जे. शर्मा ने कहा कि उनके पूर्वाधिकारी (जज एमबी गोस्वामी) ने आरोपी संख्या 16 भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बरी करने का आदेश जारी करते हुए कहा था कि ये जांच राजनीति से प्रेरित थी।

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