बिहार: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 30 दिवसीय इंडक्स प्रोग्राम का समापन




दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के समापन समारोह में उपस्थित गणमान्य (फ़ोटो: सुफी)

-सैयद फैजुर रहमान सुफी

 

गया (बिहार), 25 जून, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 30  दिवसीय इंडक्स प्रोग्राम का समापन दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय  के गया कैंपस स्थित शिक्षा पीठ द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित एवं वितोषित ‘पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन योजना के तत्वाधान में आयोजित 30 दिवसीय फैकल्टी इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया ! सीयूएसबी के जन संपर्क अधिकारी मो० मुदस्सीर आलम ने बताया की 25 मई 2018 से फैकल्टी इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम गया में आरंभ हुआ था जिसमें देशभर से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया  !



कार्यक्रम के तीसवे एवं अंतिम दिन का शुभारंभ  एक प्रतिभागी डॉ. अटल बिहारी त्रिपाठी के आज के शुभ-विचार से किया गया। इसके बाद कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तपन कुमार बसंतिया द्वारा छः राज्यों से आए 34 प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की इसी श्रंखला में प्रो. के.बी. पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, पूर्व कुपलति, सी.एम.जे.एम. विश्वविद्यालय, कानपुर, उत्तर प्रदेश एवं महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट द्वारा ‘प्राचीन भारतीय शिक्षा के चार मूल तत्व’ पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। अपने वक्तव्य में इन्होंने समाधी, मेखला, श्रम तथा ताप पर विशेष बल दिया तथा योग, प्रार्थना व ग्रामीण भ्रमण को भी अपने वक्तव्य का मुख्य विषय बनाया।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में ‘पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन योजना की नॉडल ऑफिसर प्रो. रेखा अग्रवाल द्वारा सभी प्रतिभागियों पर एक मनोवैज्ञानिक परीक्षण प्रशासित किया गया जिसमें प्रतिभागियों द्वारा छ रेटिंगों पर शिक्षक के व्यवहार का निर्धारण किया। इसके बाद कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तपन कुमार बसंतिया द्वारा पूर्व निर्धारित अंतिम पृष्ठपोषण के रूप में एक चालीस प्रश्नों का वस्तुनिष्ठ परीक्षण प्रशासित किया गया। इस प्रश्न-पत्र के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने अपने तीस दिनों के अध्ययन का स्वःआकलन किया।

कार्यक्रम के अंत में समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष के.बी. पाण्डेय, मुख्य अतिथि प्रो. कुसुम कुमारी, प्रति कुलपति, मुंगेर विश्वविद्वालय, मुंगेर, नॉडल ऑफिसर प्रो. रेखा अग्रवाल, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तपन कुमार बसंतिया, कार्यक्रम सह-समन्वयक प्रो. कौशल किशोर, शिक्षा पीठ के शिक्षाविद् तथा प्रतिभागी सम्मिलित रहे। समापन समारोह का कुशल संचालन प्रतिभागी डॉ. जितेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम की सफलता का आकलन करने हेतु छः राज्यों से आए एक-एक प्रतिभागी को बुलाया गया और उनके तीस दिनों के अनुभवों को साझा कराया गया। प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधित्व द्वारा कार्यक्रम की सफलता के अनुभव प्रस्तुत किए गए। डॉ. तपन कुमार बसंतिया द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा प्रस्तुत की गई। डॉ. बसंतिया द्वारा कार्यक्रम में आए विभिन्न क्षेत्रों से इक्कीस प्रसिद्ध विद्वानों के व्याख्यानों की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान चौंतीस प्रतिभागियों द्वारा चौंसठ प्रस्तुतीकरण विभिन्न प्रसंगों पर प्र्स्तुत किए गए। डॉ. बसंतिया द्वारा दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.सी.एस. राठौर तथा प्रतिकुलपति प्रो. ओ.पी. रॉय के प्रति आभार व्यक्त किया गया क्योंकि यह योजना इनके अथक् प्रयासों का ही परिणाम रही है। प्रो. कुसुम कुमारी द्वारा अपने उद्बोधन में अध्यापकों की भूमिका पर चर्चा की, इन्होंने कहा कि अध्यापक को जीवन-पर्यन्त विद्यार्थी ही बना रहना चाहिए जिससे वह दिन-प्रतिदिन नए-नए संप्रत्यों का ज्ञान प्राप्त करता रहे। शिक्षक की भूमिका की ओर संकेत करते हुए आपके द्वारा यह भी बताया गया कि हमें अपने शिक्षकों के प्रति सदैव अनुग्रही रहना चाहिए तथा हमें अपने व्यवसाय के प्रति प्रतिबद्ध, समर्पित तथा ईमानदार रहना चाहिए।

कार्यक्रम के इसी क्रम में प्रो. के.बी. पाण्डेय द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अपने जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण अनुभवों को साझा किया गया। प्रो. पाण्डेय द्वारा अपने वक्तव्य में शिक्षा में मूल्यों एवं सम्पदा के विकास पर बल दिया गया। भारतीय सम्पदा के सम्बन्ध में आपके द्वारा इटली देश के रोम शहर का एक वाक्या साझा किया गया, जिसमें भारतीय सम्पदा के महत्व के संरक्षण को बताया गया तथा इंग्लैण्ड देश के लीडस शहर के एक ओर वाक्या के आधार पर इनके द्वारा सम्बन्धों की वास्तविक परिभाषा प्रदान की गई। इसी क्रम में कार्यक्रम के अध्यक्ष, अतिथि तथा अन्य विद्वानों द्वारा सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समापन समारोह के अन्तिम पड़ाव में कार्यक्रम में उपस्थिति समस्त अतिथियों, शिक्षविदों तथा प्रतिभागियों को कार्यक्रम के सह-समन्वयक प्रो. कौशल किशोर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

कार्यक्रम के समापन समारोह के अवसर पर शिक्षा पीठ के सहायक प्रोफेसर डॉ. मितांजलि साहू, डॉ. रिंकी, डॉ. तरूण कुमार त्यागी एवं ‘पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन योजना के सहयोगी कर्मी डॉ. नृपेन्द्र वीर सिंह, शुसांक, रितेश आदि उपस्थित रहें।

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