श्रीलंका: 8 धमाके, कम से कम 200 मौतें और 500 घायल




श्रीलंका में आज रविवार को ईस्टर के दिन सिलसिलेवार 8 धमाकों में कम से कम 200 की मौत और 500 लोगों के घायल होने की खबर है.

समाचार एजेंसी एएफपी और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्टर की रविवार को श्रीलंका में एक के बाद एक 8 विस्फोटो में 35 विदेशियों सहित कम से कम 200 लोग मारे गए और 500 लोग घायल हुए हैं। इन आठ विस्फोटों में कम से कम तीन चर्चों और तीन होटलों को निशाना बनाया गया है।

श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने एक आपात बैठक बुलाई और राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए 200 सैनिकों को तैनात किया गया है। हमलों का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंकाई पुलिस प्रमुख ने आज से 10 दिन पहले ही “प्रमुख चर्चों” में संभावित हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया था। पहला विस्फोट कोलंबो के कोकसीकेड के सेंट एंथोनी चर्च में, दूसरा नेग्वेबो में काटूवापिटिया के सेंट सेबेस्टियन चर्च में और तीसरा बटियाकोला के एक चर्च में बताया गया है। तीन पाँच सितारा होटल जहाँ से विस्फोटों की सूचना मिली, वे हैं शन्ग्रिला, सिनमन ग्रांड और किंग्सबरी। धमाका सुबह 8.45 बजे (स्थानीय समय) हुआ जब ईस्टर संडे का प्रार्थना (मास) चल रहा था।

गौरतलब है कि श्रीलंका की कुल 22 मिलियन की आबादी में लगभग 7.6 प्रतिशत लोग ईसाई हैं।

विश्व नेताओं ने की घटना की निंदा

विश्व नेताओं ने हमले की निंदा की और श्रीलंकाई सरकार और पीड़ीत लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “श्रीलंका में हुए भयानक विस्फोटों की कड़ी निंदा करता हूँ। हमारे क्षेत्र में इस तरह की बर्बरता के लिए कोई स्थान नहीं है। भारत श्रीलंका के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। शोक संतप्त परिवारों के साथ मेरी संवेदना और घायलों के लिए प्रार्थना।”

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमले की निंदा की और इसे “क्रूर और आपराधिक” बताया। श्रीलंकाई प्रधान मंत्री को भेजे गए एक टेलीग्राम में, पुतिन ने कहा कि मास्को लंका के साथ खड़ा है और “अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में श्रीलंका का विश्वसनीय साथी है।”

धमाकों के सिलसिले में सात गिरफ्तार

श्रीलंकाई रक्षा मंत्री, रुवेन विजेवार्डीन (Ruwan Wijewardene) ने कहा कि हमलों के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनकी पहचान की जा चुकी है। सरकार ने यह भी कहा कि इन विस्फोट के पीछे आत्मघाती हमलावर हैं।

“हमारा मानना है कि ये नियोजित हमले थे, और किसी एक समूह ने इसे किया है,” विजेवार्डीन ने कहा। उन्होंने समाचार चैनलों से हमलावरों के नाम की रिपोर्ट न करने या उन्हें “शहीद” न बनाने का आग्रह किया।

अधिकारियों के अनुसार, डेमाटागोडा (Dematagoda) के कोलंबो उपनगर के एक आवास परिसर में हमलावरों पर वार करते समय तीन अधिकारियों की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार उन्हें एक अपार्टमेंट के अंदर विस्फोटक मिला और इमारत के अंदर घुसने पर अधिकारियों और संदिग्धों के बीच गोलाबारी हुई।
इस इलाके के एक घर के भीतर पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध ने विस्फोट कर दिया। इस जगह पर अधिकारियों ने कहा कि उनका मानना है कि हमलों की योजना यहीं बनाई गई थी। अधिकारियों द्वारा समूह के सदस्यों से पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध भाग निकला जिसकी खोज हेलीकॉप्टर से की जा रही है।

विजेवार्डीन (Wijewardene ) ने कहा कि चर्चों पर संभावित हमलों के बारे में पुलिस के मुख्य निरीक्षक पुजिथ जयसुंदरा (Pujith Jayasundara) ने एक सप्ताह पहले ही पुलिस इकाइयों को अलर्ट पर रखा था। यह स्पष्ट नहीं है कि हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

श्रीलंका में सोशल मीडिया बंद

श्रीलंकाई अधिकारियों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया नेटवर्क को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। उपयोगकर्ताओं को संदेश सेवा व्हाट्सएप और वाइबर पर भी सन्देश के आदान प्रदान न होने की सूचना मिली है। सरकार ने रविवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के लिए देशव्यापी कर्फ्यू लगा दिया है।

हालांकि रविवार के हमलों का सोशल मीडिया पर कोई ज्ञात संबंध नहीं मिला है, लेकिन ऐसे प्लेटफार्मों से श्रीलंका में नस्लीय हिंसा भड़कने का इतिहास रहा है। यह प्रतिबंध एक असाधारण कदम है जो सोशल मीडिया को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं को भी दर्शाता है।

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