विशेष

कर्नल की डायरी: उस दिन तो हो गया कमाल (पन्ना 8)

मुझे देखते ही उसने ‘जय हिन्द’ के साथ अभिवादन किया था. हालांकि वह शारीरिक तौर पर कमज़ोर ज़रूर था, लेकिन उसके चेहरे से ख़ुशी टपक रही थी. मैंने उसकी ख़ुशी को लक्ष्य किया था और […]

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वो सत्रह लड़कियां…: कर्नल की डायरी – पन्ना 5

रंगून के दिनों की याद आज भी रोमांच से भर जाती है. आज़ाद हिन्द फ़ौज में भर्ती होने वालों का तांता लग गया था. हज़ारों युवक-युवतियों ने अपनी जिंदगी आज़ाद हिन्द फ़ौज को सौंप देने […]