साक्षात्कार

मज़दूरों की मौत पर जिन्हें तरस नहीं आई, वे हाथी की मौत पर छाती पीटते हैं: डॉ मैनेजर पाण्डेय

कोरोना महामारी व भारत आपदा के दौरान प्रसिद्ध आलोचक मैनेजर पाण्डेय क्या सोच रहे हैं, इस पर यायावर पत्रकार पुष्पराज के साथ साक्षात्कार पढ़िए. विशेष बातें: प्रधानमन्त्री के द्वारा घोषित कर्फ्यू का नाम ‘सरकारी कर्फ्यू‘ […]

नज़रिया

एक पदातिक की कलम से भारत हाहाकार पढ़िए

–पुष्पराज प्रधानमन्त्री घोषित लॉकडाउन प्रधानमंत्री जी की कृपा से डिजास्टर का रूप ले चूका है. करोड़ों मेहनतकश मजदूर, बेरोजगार, छात्र, नौजवान भरपेट रोटी–भात के लिए तड़प रहे हैं. रेल की पटरी पर रेल की बजाय […]

विशेष

पत्रकारिता के आईकॉन शहीद रामचन्द्र छत्रपति को आज उनकी शहादत दिवस के अवसर पर नमन करिए

-पुष्पराज कुलदीप नैयर ने सिरसा में अभिभूत होकर कहा था-मैं छत्रपति को भारतीय पत्रकारिता के भीतर भगत सिंह की तरह देख रहा हूँ इसलिए कि मैंने लाहौर में भगत सिंह के शहादत स्थल पर खड़ा […]

विशेष

125 वीं जयंती पर विशेष: सभ्यता के महान यायावर–ज्ञानी राहुल सांकृत्यायन को 125वें जयंती वर्ष में याद करने का मतलब

–पुष्पराज 9 अप्रैल 1893 को आज़मगढ़ के पन्दाहा में जन्में सभ्यता के महान यायावर-ज्ञानी राहुल सांकृत्यायन का यह 125 वां जयंती वर्ष है. 36 भाषाओँ के ज्ञाता राहुल सांकृत्यायन इतिहासविद, पुरातत्ववेत्ता, त्रिपिटकाचार्य के साथ–साथ एशियाई […]