सामाजिक प्रभाव

शिक्षा के माध्यम से बदलाव का वाहक बनीं सफीना

नई दिल्ली/उदयपुर, 21 सितम्बर | अंतिमबाला को बचपन से ही बताया गया कि वह अवांछित हैं और परिवार पर एक बोझ हैं। वह अपनी किस्मत से निराश थीं और उन्होंने यह मान लिया था कि […]