घोषणा-पत्र का खेल: कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा जीतने में जुटी




हैदराबाद : तेलंगाना में कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा जीतने में जुटी है। पार्टी ने तमाम मुस्लिम नेताओं को हैदराबाद में डेरा डालने को कहा है. विधानसभा चुनावों के लिए मंगलवार को कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने मस्जिदों और चर्च को मुफ्त बिजली, इमाम और पादरियों को हर महीने तनख्वाह देने और वक्फ बोर्ड को न्यायिक शक्ति देने सहित कई वादे किए हैं।

चुनाव प्रचार में जुटे पार्टी के एक नेता ने कहा कि आहिस्ता-आहिस्ता स्थिति मजबूत हो रही है। तेलंगाना में मुस्लिम मतदाता हार-जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य में करीब 13.7% मुस्लिम आबादी है और वह लगभग चालीस सीट पर असर डालते हैं। ऐसे में कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा के साथ रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिशों से मुस्लिम मतदाता टीआरएस से नाराज हैं।

घोषणापत्र के मसौदे के मुताबिक गरीबों, अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए कई वादे किए गए हैं। गरीब छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख का लोन दिया जाएगा। वहीं, बीपीएल परिवारों को घर का निर्माण करने के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।



इसके अलावा किसानों के लिए 2 लाख कर्ज की छूट की बात कही गई है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर उर्दू को राज्य की ह्यदूसरी आधिकारिक भाषाह्ण का दर्जा देने और सारे सरकारी आदेश इस भाषा में जारी किए जाने का वादा किया है।

पिछले चुनाव में तेलंगाना राज्य बनाने का श्रेय देते हुए मुस्लिम सहित सभी लोगों ने टीआरएस को वोट दिया था। पर स्थिति बदल गई है। इस वक्त 30% मुस्लिम मतदाताओं का वोट मिल सकता है पर कम से कम साठ फीसदी वोट मिलने की आंकड़ा लगाया जा रहा है।

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