हिंसक हुई मोदी सरकार, किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल




New Delhi : भारतीय किसान यूनियन के बैनर कर्जमाफी, गन्ना की कीमतों समेत कई अन्य मांगों को लेकर दिल्ली मार्च करने जा रहे हजारों किसानों की दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस बल ने पानी की बौछारों से किसानों के जत्थे को इधर-उधर करने की कोशिश की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, किसानों की यात्रा को रोकने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले भी दागे गए।

यही नहीं पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शनकारी किसानों के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई में कई किसान घायल हो गए हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दोनों यूपी-दिल्ली सीमा पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया और राष्ट्रीय राजधानी में कुछ इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई थी।

स्वाभिमान सत्कार संगठन के आर सेठ्ठी ने कहा, “किसान आतंकवादी और नक्सली नहीं हैं, वह अपनी मांगों को लेकर आ रहे हैं। क्या उनके पास ऐसा करने का भी हक नहीं है?” उन्होंने कहा, “शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों को मारा था। यह मोदी जी के लिए चेतावनी है कि अगर किसानों के साथ अन्याय होता रहा तो वह दिल्ली हार जाएंगे।”

किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “विश्व अहिंसा दिवस पर बीजेपी का दो-वर्षीय गांधी जयंती समारोह शांतिपूर्वक दिल्ली आ रहे किसानों की बर्बर पिटाई से शुरू हुआ। अब किसान देश की राजधानी आकर अपना दर्द भी नहीं सुना सकते हैं।”

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने किसानों को दिल्ली में रोके जाने पर मोदी सरकार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह अब इस बात पुष्टि हो गई है कि मोदी सरकार किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें परेशान कर रही है।

बताते चलें कि किसानों ने अपनी मांगों को लेकर नौ दिन पहले हरिद्वार से यात्रा शुरु की थी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले शुरू हुई यात्रा 23 अक्टूबर को हरिद्वार से चली है जिसे 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर दिल्ली में संपन्न होना है।

 

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