आज 26 साल हो गए….




अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचे के विध्वंस को आज 26 साल हो गए. हिन्दूवादी संगठन जहां इसे ‘शौर्य दिवस‘ के रूप में मना रहे हैं, वहीं मुस्लिम पक्ष इसकी बरसी पर हर साल की तरह ‘यौम-ए-गम‘ का मना रहा है.

राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने ‘भाषा‘ को बताया कि विद्यार्थियों से साफ कह दिया गया है कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें. अगर किसी की कोई राजनीतिक सम्बद्धता है तो उसे रोका नहीं जाएगा, लेकिन ज्यादातर विद्यार्थी यह समझते हैं कि उनका भविष्य उनकी शिक्षा से ही जुड़ा है.

उन्होंने कहा कि अयोध्या में हाल में हुई किसी भी गतिविधि का विश्वविद्यालय तथा उससे जुड़े किसी भी कॉलेज के परिसर के माहौल पर कोई असर नहीं पड़ा.

गौतमबुद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक निलय तिवारी ने भी कुछ ऐसे ही ख्यालात का इजहार किया. उन्होंने कहा ‘‘चाहे धर्म सभा हो, शौर्य दिवस या यौम-ए-गम हो. ये सभी अलग-अलग गुटों या पार्टियों द्वारा आयोजित कार्यक्रम हैं.

(इनपुट-भाषा)

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