ट्रोल होने के बाद अंततः अक्षय ने माना वह भारतीय नहीं




अभिनेता अक्षय कुमार, जो हाल ही में दो कारणों – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अराजनैतिक साक्षात्कार करने और लोक सभा में अपना वोट कास्ट नहीं करने के लिए ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर ट्रोल किए गए. सोशल मीडिया पर उनके वोट नहीं करने पर आलोचना होने के बाद आखिरकार अक्षय कुमार ने यह माना कि वह भारतीय नागरिक नहीं बल्कि कनाडाई हैं और इसी कारण वह वोट नहीं दे सकते थे.

“मेरी नागरिकता को लेकर जो बिना मतलब की रुचि दिखाई जा रही है और नकारात्मकता फैलाया जा रहा है वह मेरी समझ से परे है. मैंने कभी इस सच को नहीं छिपाया या इससे इनकार नहीं किया कि मेरे पास कनाडाई पासपोर्ट है,” अक्षय कुमार ने ट्विटर पर एक संदेश में कहा.

हालाँकि अभिनेता, जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक खुशामदी साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी का समर्थन करते देखे गए थे, ने कहा कि वह पिछले सात वर्षों में कनाडा नहीं गए हैं. “मैं भारत में काम करता हूं, और भारत में अपने सभी करों का भुगतान करता हूं,” उन्होंने ट्विटर पर अपने बयान में कहा.

अभिनेता ने आगे कहा कि उनकी नागरिकता से जुड़ा मुद्दा व्यक्तिगत है. “… .. मुझे यह निराशाजनक लगता है कि मेरी नागरिकता का मुद्दा लगातार अनावश्यक विवाद में घसीटा जाता है, एक ऐसा मामला जो व्यक्तिगत, कानूनी, गैर-राजनीतिक और दूसरों के लिए बेमतलब है,” उन्होंने कहा।

इसे भी पढ़ें: व्यंग: कनाडाई नागरिक अक्षय के सवाल और अभिनेता मोदी के जवाब

अक्षय कुमार, जिन्होंने एयरलिफ्ट और केसरी जैसी थीम के साथ राष्ट्रवाद पर कई फिल्मों में बतौर मुख्य अभिनेता भूमिका निभाया है, लोगों को वोट देने की अपील का विज्ञापन भी कर रहे थे. हालांकि मतदान के दिन उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना को मतदान केंद्र पर देखा गया था लेकिन अक्षय उनके साथ नहीं थे. बाद में जब एक पत्रकार ने यह सवाल किया, तो अक्षय कुमार उन्हें “चलिए चलिए” कह कर भगा दिया और आगे बढ़ गए।

फिल्म पत्रकारों ने बाद में बताया कि अभिनेता वास्तव में कनाडाई नागरिक हैं। जब विपक्षी दलों ने अक्षय कुमार पर मोदी और भाजपा का प्रचार करने को लेकर सवाल उठाया तो कुमार को आज अपना बयान देना पड़ा।

अक्षय कुमार का वीडियो कुछ साल पहले जब वह सिंह इस किंग का प्रचार करने कनाडा गए थे तब वायरल हुआ था जब उन्होंने टोरंटो में कहा था कि यह उनका घर है और वह बॉलीवुड से रिटायरमेंट के बाद वापस आकर यहीं रहेंगे।

पत्रकार बॉबी नक़वी ने इनके ट्विटर के बयान का जवाब देते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि लोगों को उनके कनाडाई होने से क्या समस्या है.

लोगों को आपकी नागरिकता से यह समस्या है, #अक्षय: आपने उस देश को चुना जिसका नेतृत्व ट्रूडो जैसे लोग करते हैं. कनाडा लाखों अप्रवासियों – मुस्लिमों, यहूदियों, सिखों, हिन्दुओं और अन्य लोगों का घर है. ऐसा राष्ट्र जो उदार मूल्यों और लोगों की आज़ादी का समर्थन करता है, सभी धर्म के लोगों की इज्ज़त करता है और उन्हें गले लगाता है. मुझे लगता है कि आपने इसीलिए अपना भारतीयता त्यागा और कनाडाई शहरी बने.

हालांकि, अपने घर में वापस (भारत) आप उनका महिमामंडन करते हैं जो कनाडाई मूल्यों के विपरीत हैं – जो बहुसंख्य्वाद राज्य में भरोसा करते हैं, जहाँ धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक को डर में जीना पड़ता है, जो राजनीति के लिए धर्म और राष्ट्रवाद का दुरूपयोग करते हैं.

इसी लिए मुझे लगता है कि आप पाखंडी हैं.

समझा?

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*