चिदंबरम के कर्म का फल या अमित शाह का बदला?




अमित शाह आज भारत के गृह मंत्री हैं और पी. चिदंबरम कांग्रेस के राज्य सभा सांसद. आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त और गृह मंत्री पी चिदंबरम को आज सीबीआई की टीम ने कांग्रेस हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.उन्हें कल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा. मंगलवार को इस मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनहोंने सुप्रीम कोर्ट क रुख किया था. सीबीआई और ईडी की टीम मंगलवार से ही चिदंबरम के घर का चक्कर काट रही थी और उनकी तलाश की जा रही थी. दिल्ली हाई कोर्ट से ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद वह गायब बताए जा रहे थे और उनका फ़ोन भी स्विच ऑफ आ रहा था.

मीडिया में उनके गायब होने की हल्ला मची हुई थी. तभी खुद चिदंबरम ने कांग्रेस मुख्यालय में आ कर प्रेस से बात की. उनहोंने कहा कि वह कानून से भाग नही रहे थे बल्कि वह अन्याय से खुद को बचाने के लिए कानून का शरण लेने की कोशिश कर रहे थे. उनहोंने प्रेस कांफ्रेंस में यह भी कहा कि उनके लिए जीवन से अधिक स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है और इसके लिए लड़ते रहेंगे.

एक समय था जब चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे और अमित शाह तब गुजरात के गृह मंत्री थे और उनही के आदेश से अमित शाह को जेल जाना पड़ा था. यह अमित शाह का बदला है या फिर चिदंबरम के कर्मों का फल यह तो समय ही बताएगा. इतना तो तय है कि चिदंबरम को आज उसी स्थिति से गुज़रना पड़ रहा है जिस स्थिति से अमित शाह को गुज़रना पड़ा था.

चिदंबरम पर आरोप है कि यू पी ए सरकार में वह वित्त मंत्री रहते हुए टेलीविज़न कंपनी आईएनएक्स मीडिया को फोरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) से गैर कानूनी तौर पर मंजूरी दिलवाई थी. जिससे आई एन एक्स मीडिया ने 2007 में 305 करोड़ का विदेशी निवेश हासिल किया था. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर ही रिश्वत लेने का आरोप है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि यह बदले की कारवाई है. उनहोंने कहा कि मोदी सरकार ईडी, सीबीआई और मीडिया के कुछ बिना रीढ़ वले लोग चिदंबरम का चरित्र हनन करने में लगे हैं. मैं सत्ता के इस दुरूपयोग की निंदा करता हूँ.

कांग्रेस पार्टी ने अभी अपने नेता का बचाव करते हुए ट्वीट किया. कांग्रेस ने कहा कि यह सरकार सच बोलने की सज़ा लोगों को देकर अपना कायरतापूर्ण चेहरा ही दिखा रही है. चिदंबरम निहायत ही काबिल और इज्ज़तदार नेता हैं, उनहोंने देश की सेवा समर्पण और सादगी से की है. हम सच्चाई के साथ हैं.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की जनरल सेक्रेट्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसकी निंदा की. उनहोंने कहा कि अत्यंत काबिल और प्रतिष्ठित राज्य सभा सांसद चिदंबरम ने दशकों देश की सेवा बतौर वित्त और गृह मंत्री ईमानदारी से की है. वह सत्ता से बिना डरे हुए बोलते हैं और उनकी खामियों को उजागर करते हैं. लेकिन सच कायरों को पसंद नहीं और उन्हें लगातार शिकार बनाया जा रहा है. हम उनके साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे नतीजा कुछ भी हो.

पी चिदंबरम के बेटा ने गिरफ़्तारी के बाद अपने ट्वीट में कहा कि यह गिरफ़्तारी कुछ लोगों की दर्शनरति की लालसा को पूरा करने के लिए की गयी है.

जब अमित शाह हुए थे गिरफ्तार

25 जुलाई 2010 में जब केंद्र में यूपीए 2 की सरकार थी और पी चिदंबरम गृहमंत्री थे तो उनही के आदेश पर सीबीआई की टीम ने गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह को फर्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार किया था. सीबीआई का आरोप था कि गृहमंत्री के रूप में अमित शाह ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके दोस्त तुलसीराम प्रजापति के एनकाउंटर के आदेश दिए थे. अमित शाह पर हत्या, जबरन वसूली और अपहरण का आरोप लगाया था. तीन महीने तक मुंबई की जेल में बंद रहने के बाद 29 अक्टूबर 2010 को अमित शाह को ज़मानत मिली लेकिन उन पर गुजरात में एंट्री करने पर पाबन्दी लगा दी गयी.

2010 से 2012 तक उन पर यह पाबन्दी लगी रही. 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुजरात जाने की इजाज़त दी. कई सालों तक सीबीआई उनके खिलाफ लगे आरोपों को सबूत के अभाव में सच साबित नहीं कर पाई और आखिरकार 30 दिसम्बर 2014 को यू पी ए के शासन में ही सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया.

पी चिंदंबरम के अलावा उनके बेटे कार्ति चिदंबराम और प्रियंका गांधी के पति रोबर्ट वाड्रा और मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री कमल नाथ के भांजे रतुल पूरी पर भी गिरफ़्तारी की तलवार लटकी हुई है. इनके साथ ही NDTV के मालिक प्रणय रॉय के खिलाफ भी सीबीआई ने मामला दर्ज किया है.

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