रोहिंग्याओं मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा सुनियोजित : अमेरिका




(Photo By: Anadolu Agency)

अमेरिका ने सोमवार को कहा रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ म्यामां की सेना की ओर से की गयी हिंसा के सुनियोजित होने के संबंध में उसे साक्ष्य मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र में एक बैठक के दौरान रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अमेरिका के 18.5 करोड़ डॉलर की नयी निधि घोषित करने के फौरन बाद ही विदेश मंत्रालय ने यह रिपोर्ट जारी की।

विदेश मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस एंड रिसर्च की इस रिपोर्ट में कहा गया, “सर्वेक्षण से पता चलता है कि उत्तरी रखाइन प्रांत में हुई हालिया हिंसा अत्याधिक, व्यापक एवं बड़े पैमाने पर हुई थी और प्रतीत होती है कि रोहिंग्या आबादी को आतंकित करने और रोहिंग्या निवासियों को बाहर निकालने के मकसद से की गई थी।’’

विदेश मंत्रालय का यह अध्ययन अप्रैल में 1,024 रोहिंग्या वयस्कों के साक्षात्कार पर आधारित है जिन्होंने हिंसा के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश में शरण ली थी। इस अध्ययन में ऐसे ही वाकयों का जिक्र किया गया है जो मानवाधिकार समूहों की रिपोर्ट से मिलता-जुलता है लेकिन इसमें घटनाओं के विवरण को निष्पक्ष एवं संयमित तरीके से रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया कि 82 प्रतिशत साक्षात्कारदाताओं ने अपनी आंखों से इन हत्याओं को देखा था जिसमें से 51 प्रतिशत ने यौन हिंसा का प्रत्यक्षदर्शी होने की बात भी स्वीकारी है। इसके अलावा 88 प्रतिशत मामलों में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि इन अत्याचारों के पीछे सेना का हाथ था।

रिपोर्ट के मुताबिक, “कुछ इलाको में, हिंसा करने वालों ने ऐसी चालें चलीं जिससे कि बड़े पैमाने पर लोग हताहत हो सकें, उदाहरण के लिए लोगों को जलाने के मकसद से घरों में बंद कर दिया गया, भीड़ पर या भागने वाले सैकड़ों रोहिंग्या लोगों से भरी किश्तियों पर गोली चलाने से पहले पूरे गांवों में बाड़ लगा दी गयी।”

(साभार पीटीआई)

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