स्वामी चिन्मयानंद पर से दुष्कर्म का मुक़दमा हटाएगी योगी सरकार




योगी आदित्यनाथ और स्वामी चिन्मयानंद (बाएँ)

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), 11 अप्रैल, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क)दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार योगी सरकार एससी आयोग के अध्यक्ष और आगरा से सांसद रामशंकर कठेरिया के खिलाफ लगे 11 केस और पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ लगे रेप के आरोप को वापस लेने का निर्णय लिया है। वहीं, रेप पीड़िता ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि सरकार को कोर्ट का फैसला मानना चाहिए। फिलहाल शासन द्वारा इस केस को वापस लेने के लिए न्यायालय में दस्तावेज पेश किया जाएगा। बता दें कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द पर उनकी ही शिष्या ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था।

स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के ख़िलाफ़ क्या हैं मामले?

– 7 साल पहले पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ उनकी ही एक शिष्या ने बलात्कार समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया था। लेकिन स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती की गिरफ्तारी नहीं की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

– 2011 में उन पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिष्या की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर, 2011 को दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। जिसके बाद स्वामी चिन्मयानन्द ने गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट से स्टे लिया था।

– शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज धारा 376, 506 आईपीसी का केस वापस लिए जाने का फैसला किया गया है।

– स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती पर 2009 में संस्कृत महाविद्यालय के प्रिंसिपल ने धोखाधड़ी का केस शाहजहांपुर में दर्ज कराया गया था।

रामशंकर कठेरिया के ख़िलाफ़ क्या हैं मामले?

रामशंकर कठेरिया पर 2009 से 2014 के बीच में 11 मुकदमे दर्ज है। आगरा के कई थानों में कठेरिया के खिलाफ केस दर्ज हैं। न्याय विभाग ने आगरा DM आगरा से 13 बिन्दुओं पर रिपोर्ट मांगी है।

– आगरा के हरीपर्वत थाने में IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज है।
– नई की मंड़ी थाने में 147, 332, 341, 353 की धारा पर केस दर्ज है।
– थाना शाहगंज में 332, 353, 336, 427, 147 धारा के तहत केस दर्ज है।
– थाना आगरा जीआरपी में 147, 353, 283 धारा के तहत केस दर्ज है।

स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माना जाता है। राजनीति में उनका बड़ा कद रहा है।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 फरवरी को शाहजहांपुर दौरे पर गए थे। वहां उन्‍होंने स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में आयोजित मुमुक्ष युवा महोत्सव में भाग लिया था। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार का कहना है कि लेटर के मामले में हमे कोई जानकारी नहीं है।

इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने सीएम योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं के खिलाफ दर्ज करीब 20 हजार केस वापस लेने का फैसला दिसंबर में किया था। योगी पर दर्ज करीब 8 केस को वापस लेने का फैसला किया गया था। योगी के अलावा यूनियन मिनिस्टर शिवप्रताप शुक्ल के केस भी वापस लिए जाने को कहा गया था। गवर्नर राम नाईक ने केस वापस लेने की मंजूरी राज्य सरकार को दे दी थी।

क्या कहते हैं क़ानून के जानकार?

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शम्स ख्वाजा के अनुसार स्टेट के पास यह अधिकार होते हैं कि वह केस के विभिन्न पैरामीटर्स को देखते हुए न्ययालय में मामलों को हटाने की अर्जी लगा सकती है। ऐसा अखिलेश सरकार में भी हुआ था जब मुसलामानों के आग्रह पर अखिलेश सरकार ने निर्दोष लोगों पर लगाए गए आतंकवाद के मामलों को हटाने की अर्जी विभिन्न ज़िला न्यायालयों में की थी लेकिन इनके ख़िलाफ़ संघ परिवार वालों ने इलाहबाद कोर्ट में याचिका देकर इसे खारिज करवा दिया था।

शम्स ख्वाजा के मुताबिक स्टेट न्यायालय से केस को हटाने का अनुरोध कर सकती है लेकिन न्यायालय के पास इसका पूरा अधिकार होता है कि वह केस हटाएगी या नहीं।

 

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