भाजपा भगाओ देश बचाओ रैली: जानें, किसने क्या कहा?




राजद की रैली का वास्तविक दृश्य (स्रोत: ट्विटर)

राजद की “भाजपा भगाओ देश बचाओ” रैली कल पटना में कल विपक्ष के कई दिग्गजों के बोलवचन के साथ संपन्न हो गया. इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, जनता दल यू के बाग़ी अध्यक्ष शरद यादव, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, सीपीआई नेता एस. सुधाकर रेड्डी, आर एल डी के नेता चौधरी जयंत सिंह, झारखण्ड के पूर्व मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड विकास मोर्चा के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्य मंत्री बाबू लाल मरांडी ने लालू, उनके पूरे परिवार और राजद के अन्य नेताओं के साथ मंच साझा किया.

गुलाम नबी आज़ाद ने क्या कहा?

महा गठबंधन का आधार बिहार में रखा गया. यही मंच था और यही लोग थे. सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे. जद(यू), आरजेडी और कांग्रेस ने मिल कर भाजपा को मात दी थी. जिस मंच से हमने जनता को इंसाफ़ देने का वादा किया था उस पर से नीतीश ग़ायब हैं. नीतीश ने बिहार की 11 करोड़ जनता को धोखा दिया है. नीतीश असली जनता दल (यू) नहीं, जनता दल (यू) के नेता तो शरद यादव ही हैं. बिहार की ऐतिहासिक धरती ने पहले भी सांप्रदायिक शक्ति को रोकने का काम किया है. इस बार भी यहाँ से यह पैग़ाम मुल्क भर जाएगा.

लालू यादव ने क्या कहा?

लालू झुकने वाला नहीं है. जितना छापामारी करवाना है करवा लो. राज्य सरकार की जानकारी बे बगैर सीबीआई की छापामारी नहीं हो सकती. नीतीश कुमार को सब मालूम था. इसी लिए बहाना बना कर राजगीर चला गया. नीतीश कुमार को भाजपा ने अपनी सूंड में लपेट लिया है. अब इनको कहाँ फेकेगी पता भी नहीं चलेगा.

राबड़ी देवी ने क्या कहा?

एक ही रात में सब कुछ हो गया. शादी भी कर लिया. कौन सा चेहरा लेकर जाओगे नीतीश कुमार. सीबीआई की छापामारी से डराने की कोशिश की जाती है. सीबीआई कितना छापामारी करेगी. हम इसको दावत देते हैं. वह दिन रात हमारे घर में आ कर बैठे, क्या मिलेगा, ठेंगा?

रैली में आए नौजवान मेरे बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी जैसे हैं. नीतीश और भाजपा काला नाग हैं जिन्हें भगाना है.

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

आज देश में ऐसी सरकार है जो कहती है आवाज़ उठाने वाले को जेल में डाल दो. हमने भी कह दिया कि देखते हैं कि कितने जेल हैं और कितने लोगों को जेल में डालते हो. दो बार नीतीश कुमार के मुख्य मंत्री शपथ समारोह में बिहार आ चुकी हूँ. नीतीश के लिए नहीं आई थी. बिहार की जनता के लिए आई थी. नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद को छोड़ा, लालू ने नीतीश को नहीं छोड़ा. माल महाराज का मिर्ज़ा खेले होली. चुनाव में लालू के नाम पर वोट मिला और नीतीश भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाए. जनता हिसाब लेगी. अगले चुनाव में जनता भाजपा और नीतीश दोनों को सबक सिखाएगी. जब नशाबंदी में इंदिरा गाँधी की सरकार जा सकती है तो नोटबंदी में भाजपा की सरकार भी जाएगी. तीन साल से केंद्र सरकार को देख रही हूँ, उनको केवल झूठ बोलना ही आता है. घोटाले की बात करते हैं लेकिन स्वयं सबसे अधिक घोटाला करते हैं. हमारे यहाँ हमेशा दंगा कराने की कोशिश करते हैं लेकिन स्वयं एक दंगा संभाल नहीं पाते जबकि इनके पास सेना है. मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है वही होता है जो मंजूरे खोदा होता है. हमें गाली देते हैं कि हम हिन्दू नहीं है, अरे हम हिन्दू में जन्म लिए हैं क्या वह प्रमाणपत्र देंगे? बात 2022 की करते हैं, पहले 2019 तो जीतें, अच्छे दिन की बात करते हैं, हिन्दू नहीं रहेगा, मुस्लिम नहीं रहेगा तो किसके लिए अच्छे दिन आएँगे. केवल भाषण देने से काम नहीं चलेगा. भाजपा को भगाने का अभियान आरंभ हो गया है, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

शरद यादव ने क्या कहा?

लोकतंत्र बोली पर चलती है और बोली सच पर आधारित होनी चाहिए. हमने महागठबंधन 50 साल के लिए किया था लेकिन यह हमारे जीवन का वह दौर है जब हमारा साया भी हमसे बगावत कर गया. इस मैदान में महागठबंधन का एलान हुआ था और आज फिर से इसी मंच पर हम जमा हुए हैं. बिहार की जनता ने जिस तरह से विजय रथ को रोका था एक बार फिर बिहार भाजपा की शक्ति को रोकेगी. देश की जनता एक बार फिर भाजपा को रोक देगी. इसकी शुरुआत बिहार से होगा.

आज एक ओर किसान आत्महत्या कर रहे हैं तो दूसरी ओर भीड़ लोगों को मार रही है. जब राजनीति और धर्म का घाल मेल हो जाए तो यह देश के लिए खतरनाक बन जाता है, उस समय यह देश इराक, अफ़ग़ान और पाकिस्तान बन जाता है. हमारी संस्कृति साझा संस्कृति है. आज़ादी के 70 साल के बाद भी गरीब लोगों की मौत हो रही है. हर दिन लगभग 30 किसान ख़ुदकुशी कर रहे हैं.

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

देश ख़तरे में है. देश बचाने के लिए बिहार से एक आवाज़ उठी है. यह 11 करोड़ लोगों की आवाज़ है. उत्तर प्रदेश के 20 करोड़ लोग साथ देंगे. पश्चिम बंगाल से भी आवाज़ आएगी बिहार से निकली आवाज़ देश भर में जाएगी. नीतीश कुमार को चाचा कहने से बात स्पष्ट नहीं होती है तो उनको डी एन ए वाला चचा कहें. इस जन सैलाब को डिजिटल इंडिया वाली पार्टी गूगल पर देख कर घबड़ा रही होगी. हम देश को बचाना चाहते हैं क्योंकि भाजपा ने देश को पीछे कर दिया है. गरीबों और किसानों ने सबसे अधिक कठिनाई का सामना किया है. अब तो तीन साल गुज़र चुके हैं अब तो बता दो कि अच्छे दिन कब आएँगे. हम बिहार की जनता से पूछेंगे कि उनके जीवन में तीन वर्षों में कितना बदलाव आया है. नौजवानों से इसलिए नहीं पूछेंगे क्योंकि उनको तो कुछ मिला ही नहीं और मिलेगा भी नहीं. बिहार की धरती क्रांतिकारी है. जब यह धरती रथ को रोक सकती है तो यह भाजपा को भी रोक सकती है. बिहार में भाजपा को रोकने की शक्ति है. नोटबंदी के समय से हम कह रहे हैं कि धन काला या सफ़ेद नहीं होता लेन देन काला होता है. गरीब और भोली भाली जनता समझ नहीं पाई कि काला धन बैंकों के लिए जमा किया गया है. न्यू इंडिया की बात हमें समझ में नहीं आती हम किसानों और नौजवानों का देश बनाना चाहते हैं.

तेजस्वी यादव ने क्या कहा?

नीतीश कुमार आप सभी के वोट से मुख्य मंत्री बने हैं. वह हमारे चाचा पहले भी थे, और अब भी हैं और आगे भी रहेंगे. मगर अब वह अच्छे चाचा नहीं रहे. महागठबंधन टूटा नहीं है. असल गठबंधन टूटा नहीं है. असल जनता दल यू के नेता शरद यादव हैं. इस रैली के बाद अब नीतीश की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. नीतीश कुमार ने संघ मुक्त भारत बनाने का वादा किया था लेकिन अब वह स्वयं ही इसकी गोद में बैठ गए हैं. अब वह हे राम से जय श्री राम कहने लगे हैं. अब गांधी के हत्यारों के साथ मिल गए हैं. उनहोंने गांधी के सिद्धांतों को बदनाम किया है. तेजस्वी तो एक बहाना था उन्हें भाजपा के साथ जाना था और सृजन का पाप छिपाना था. व्यापम देश का सबसे बड़ा घोटाला था जिसमें कई जानें गयी, सृजन घोटाले में भी अब तक 2 मौत हो चुकी. जिस भाजपा ने उनके डी एन ए को गाली दी थी नीतीश अब उन्हीं के साथ हो गए. ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं. नीतीश कुमार पर आर्म्स एक्ट का मुक़दमा चल रहा है और उन पर दिल्ली हाई कोर्ट बौद्धिक संपदा की चोरी को लेकर 20 हज़ार का जुर्माना लगा चुकी है. सुशील कुमार मोदी पर भी कई मुक़दमें दर्ज हैं. नीतीश कुमार खुद को बचाने के लिए हमारे परिवार को झूठे मुक़दमे में फंसाने की साज़िश कर रहे हैं. मगर हम डरने वाले नहीं हैं, सब कुछ सामने आ जाएगा. मन्दिर में घंटा भी बजेगा और मस्जिद में नमाज़ भी होगी और सभी धर्मों के लोग यहाँ रहेंगे.

तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?

मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को ठगने का काम किया है. वह तब तक नहीं सोएंगे जब तक कि वह भाजपा के राज को चीर नहीं देंगे. उनके पिता ने नीतीश कुमार का नाम पलटू राम रखा है. सुशिल कुमार मोदी सल्टू हैं. रातो रात नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने ब्याह कर लिया. आरएसएस वाले मोहन भागवत बूढ़े होकर भी हाफ पैन्ट पहनते हैं. हॉट माइंड हैं इसीलिए सब दंगा फसाद करते हैं. लेकिन उनकी नहीं चलने वाली.

झारखंड के पूर्व मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?

हमारे पूर्वजों ने देश की एकता और सुरक्षा को बचाने के लिए काफी मेहनत की है. दुर्भाग्य है कि देश में ऐसी सांप्रदायिक शक्ति की सरकार है जो इसे तोड़ने में लगी है. दलितों को दलितों से और पिछड़ों को पिछड़ों से लड़ाने का काम किया जा रहा है. भाजपा को गोवा से लेकर देश में कही बहुमत नहीं मिली. राज्य में जनादेश किसी को मिलता है और सरकार भाजपा की बनती है. यह धर्म के लुटेरे तो हैं ही लोकतंत्र के भी लुटेरे हैं. इनको जवाब देना होगा. ऐतिहासिक गांधी मैदान से देश को बचाने की आवाज़ उठी है. भाजपा ने जितने भी वादे किए सब जुमले साबित हुए. उन्होंने कहा कि चाणक्य ने कहा था कि जिस देश का राजा व्यापारी हो वहां की जनता हमेशा भीखारी रहती है. हमें इन व्यापारियों की सरकार को हटाने का संकल्प लेना है.

आर एल डी के नेता चौधरी जयंत सिंह ने क्या कहा?

यह महारैली नहीं रेला है. सभी लोग लालू के साथ खड़े हैं. देश में जब भी समाजी क्रान्ति आई है इसकी चिंगारी बिहार से निकली है. देश के लोगों को बोलने नहीं दिया जा रहा है. तेजस्वी ने आज तमाम प्रश्न जनता की अदालत में रखा है. जनता के साथ धोखा हुआ. नीतीश कुमार ने जनता को धोखा दिया है. बिहार के लोग समझदार हैं. बिहार के सपूत दिनकर जी ने कहा था कि सिंहासन खाली करो जनता आती है. मोदी सरकार ने लोगों के खाते में 15 लाख रुपए देने और दो करोड़ लोगों को रोज़गार देने का वादा किया था. किसी को कुछ नहीं मिला.

सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने क्या कहा?

गांधी मैदान की भीड़ ने अपना निर्णय सुना दिया कि जनता किसके साथ है. भाजपा को रोकने के लिए बिहार में महागठबंधन की आधारशिला रखी गयी थी. महागठबंधन से अलग होकर नीतीश कुमार ने बिहार के 11 करोड़ जनता के साथ धोखा किया. जनता भाजपा को क्षमा नहीं करेगी और इसका अनुभव आने वाले चुनावों में कराएगी.  भाजपा के सत्ता में आने के बाद इंसान की व्यक्तिगत स्वतंत्रता समाप्त होती जा रही है. देश की विविधता में एकता पर खतरा मंडराने लगा है. भाजपा को रोकने के लिए विपक्ष को एकजुट होना पड़ेगा. इसकी शुरुआत पटना की गाँधी मैदान की रैली से हो गयी है. भाजपा के खिलाफ सघर्ष जारी रहेगी. यह संघर्ष भाजपा को सत्ता से निकालने तक चलती रहेगी.

एन सी पी नेता तारिक अनवर ने क्या कहा?

आरजेडी की यह रैली एकदम सही है. लालू यादव ने सही समय पर सही क़दम उठाया है. आज देश एक ऐसे मार्ग पर चल पड़ा है जिससे लोग डरे हुए हैं और जनता में दहशत है. हमारे देश की एकता ख़तरे में है. और गंगा जमुनी संस्कृति पर हमले किए जा रहे हैं. भाजपा ने 2014 में सत्ता में आने से पहले किसानो को अच्छे दिनों का वादा किया था और नौजवानों को रोज़गार देने की बात कही थी. मगर भाजपा के यह सभी वादे जुमले साबित हो रहे हैं. महा गठबंधन आज समय की मांग है. नीतीश कुमार ने महा गठबंधन को तोड़ कर बिहार की जनता को धोखा दिया है. नीतीश कुमार मीर जाफर और जय चंद हैं. लोगों को भाजपा और नीतीश से दूर रहना चाहिए. अगर हम अब भी एकजुट न हुए और आँखे नहीं खोला तो देश ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच जाएगा जो सबके लिए नुकसान दायक होगा और इसका परिणाम भी खतरनाक होगा.

हम के नेता वृषण पटेल ने क्या कहा?

जब बिहार की जनता बाढ़ के प्रकोप से परेशान है ऐसे में आर जे डी की यह रैली करने का सही समय नहीं है. यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है कि बाढ़ग्रस्त की सहायता करने के बजाय कुछ मायूस लोग रैली करके राजनीति रोटियां सेंकने में व्यस्त हैं.

सुशील कुमार मोदी ने क्या कहा?

ममता बनर्जी को छोड़ कर सब भूतपूर्व ही रैली में आए हैं और भूतपूर्व ही बने रहेंगे. सोनिया, राहुल, बी एस पी सुप्रीमो मायावती, दिल्ली के मुख्य मंत्री केजरीवाल और लेफ्ट ने रैली से किनारा क्यों कर लिया? भाजपा को भगाने वाले आज सड़क पर हैं. 2010 में आर जे डी को 22 पर पहुंचा दिया था. देश के साथ भाजपा की 18 राज्यों में सरकार है. लालू ने 25 लाख का दावा किया था. गरीब रैला का 10वां भाग भी नहीं पहुँच सका.

नित्यानंद राय ने क्या कहा?

लालू की यह रैली अब तक की सबसे फ्लॉप रैली रही है. यह आर जे डी के शोकाकुल कार्यकर्ताओं की भीड़ थी जिसको रैली का नाम देकर लालू ने बिहार के बाढ़ग्रस्त लोगों का मजाक उड़ाया है. रैली में सम्मिलित कोई भी नेता ने समाज के बारे में अपनी चिंता ज़ाहिर नहीं की.

 

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