जयपुर विकास प्राधिकरण से अपनी ज़मीन बचाने के लिए 52 महिलाओं और पुरुषों ने बनाई अपनी समाधि




जयपुर में अपनी ज़मीन पर किसान समाधि बनाए हुए (साभार: पत्रिका)

जयपुर, 4 अक्टूबर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी अधिग्रहण से अपनी ज़मीन को बचाने का लोगों ने अनूठा उपाय ढूँढा है। असल में, जयपुर विकास प्राधिकरण ने नींदड़ आवासीय योजना के लिए सीकर रोड पर 1300 बीघा ज़मीन को कब्ज़ा में लेने के लिए सितम्बर में ही ज़मीन का मुआवज़ा कोर्ट में जमा करवा दिया था लेकिन प्राधिकरण को किसान अपनी ज़मीन देने को तैयार नहीं हैं।



जयपुर विकास प्राधिकरण के जबरन क़ब्ज़ा के विरोध में किसान लगातार धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं। अब इसको रोकने के लिए किसानो ने उन ज़मीन पर अपनी समाधि बनानी शुरू कर दी है। पहले 22 पुरुषों ने अपनी समाधि बनाई थी अब इसमें 30 महिलाएं भी शामिल हो गयी हैं। और यह सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। अब इसमें बूढ़े बड़े किसान भी शामिल हो रहे हैं।

संकेत साफ़ है कि मर जाएंगे लेकिन ज़मीन नहीं देंगे। किसानों ने समाधि बनाकर यह साबित कर दिया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण के लिए ज़मीन का अधिग्रहण बहुत कठिन होगा।

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