‘मंदिर नहीं अधिकार चाहिए’ घंटों ट्विटर पर धड़कता हिंदुस्तान की नब्ज़




-समीर भारती

कोरोना विश्वमहामारी में जहाँ पूरी दुनिया में धार्मिक स्थलों के दरवाज़े बंद हैं, जहाँ लोग मंदिरों और मज़ारों पर नहीं बल्कि डॉक्टर के पास भाग रहे हैं, जहाँ जाप नहीं, मास्क लोगों को बचा रहा है, जहाँ पवित्र जल नहीं बल्कि साबुन पानी ही मोक्ष है ऐसे में मौजूदा सत्ता द्वारा शुद्ध राजनैतिक कारणों से जिस तरह 5 अगस्त को राम मन्दिर के शिला पूजन की घोषणा की गयी है उसके विरुद्ध शिद्दत के साथ पूरे हिंदुस्तान ने ट्विटर पर अपना विरोध दर्ज कराया है.

ज्ञात रहे कि भारत कोरोना विश्व महामारी में तीसरे नंबर पर आ गया है. लगातार मौतों की ख़बरें आ रही हैं. लोग बेरोज़गार हो रहे हैं. खाने खाने के लिए लोग तरस रहे हैं. सरकार से अधिक गैर सरकारी संस्थाएं लोगों तक मदद पहुँचा रही हैं ऐसे मे मंदिर का शिला पूजन उन सभी लोगों के घाव पर नमक छिडकने से अधिक कुछ नहीं है.

ट्विटर यूज़र इसी को लेकर आज ‘मन्दिर नहीं अधिकार चाहिए’ हैश टैग के साथ अपना विरोध दर्ज करा रहा है. यह ट्रेंड इसे लिखे जाते समय तक लगभग एक लाख ट्वीट के साथ घंटों से सबसे ऊपर है.

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!