उमर अब्दुल्लाह ने उठाया सवाल, कहा- सिर्फ गीता और रामायण क्यों ?




जम्मू कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी करते हुए स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक लाइब्रेरी को उर्दू में लिखी श्रीमद भागवत और रामायण के किताबें खरीदने के आदेश दिए जाने के बाद राजनैतिक विवादों का सिलसिला शुरू हो चूका है।

जम्मू कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभागी की 4 अक्टूबर को हुई बैठक में ये फैसला हुआ था जिसके आदेश अब जारी किए गए है। हालांकि शिक्षा विभाग के इस आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने सवाल उठाए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने सवाल उठाते हुए ट्वीट किया कि सिर्फ़ गीता और रामायण ही क्यों? अगर स्कूल, कॉलेज और सरकारी लाइब्रेरी में धार्मिक किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं तो ये सिर्फ़ चुनिंदा किताबें ही क्यों? इसमें दूसरे धर्म की अनदेखी क्यों की जा रही है।



हालांकि सरकार द्वारा स्कूल को खास किताब खरीदने का आदेश देने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले राजस्थान सरकार ने संघ विचारक राकेश सिन्हा की लिखी किताब आधुनिक भारत के निर्माता- केशव बलिराम हेडगवार खरीदेने के लिए सभी स्कूलों को आदेश जारी किया था।

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