8 नवंबर को काले दिन के रूप में मनाएगा विपक्ष




ग़ुलाम नबी आज़ाद व अन्य प्रेस से बात करते हुए (चित्र साभार: कांग्रेस ट्वीट)

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर | विपक्षी दलों ने मंगलवार को कहा कि वे एक साल पहले सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के विरोध में आठ नवंबर को काले दिन के रूप में मनाएंगे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं को बताया कि सभी विपक्षी दल एक संयुक्त रणनीति के तहत आठ नवंबर 2016 को लिए गए विमुद्रीकरण के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज करेंगे।



आजाद ने याद दिलाया कि सरकार ने पिछले साल नोटबंदी करने के बाद किस तरह बार-बार नियमों में बदलाव किए।

उन्होंने कहा, “विमुद्रीकरण सरकार का एक गलत ढंग से और जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। यह शायद पूरी दुनिया में अभूतपूर्व है कि किसी सरकार को एक माह में 135 बार अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा।”

विपक्षी दलों द्वारा 8 नवंबर को काले दिन के रूप में मनाने का फैसला सोमवार को एक समन्वय बैठक में लिया गया, जिसमें जदयू के बागी नेता शरद यादव, माकपा सांसद डी. राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी, बसपा के सतीश मिश्रा और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन मौजूद थे।

-आईएएनएस

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*