बिहार में गाय काटने और गौ मांस खाने की अफवाह पर विश्व हिन्दू परिषद् का तांडव, नीतीश-भाजपा गठबंधन सरकार में यह दूसरी घटना




राजस्थान के किसान पहलू खान को गाय ले जाने के अपराध में मारते विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के गौ रक्षक कार्यकर्त्ता, पहलू खान की पिटाई के बाद मौत हो गयी थी

बिहार में भाजपा के साथ नीतीश सरकार बनने के बाद प्राकृतिक आपदा ने जहाँ एक ओर पूरे उत्तरी बिहार को अपने चपेट में लिया हुआ है वहीँ मानव जनित आपदा भी जन्म ले रहा है. गाय के नाम पर महीना भर में यह दूसरा मामला आया है जब तथाकथित गौ रक्षकों द्वारा लोगों की निर्दयता से पिटाई की गयी.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के बेतिया जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरा गांव में गुरुवार को गाय काटने की खबर पर विश्व हिन्दू परिषद के एक गिरोह ने कुछ मुस्लिम लोगों की बेरहमी के साथ पिटाई कर दी.
रिपोर्ट के अनुसार, चनपटिया ज़िला के डुमरा गावं के मोहम्मद शहाबुद्दीन के घर को लोगों की भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते हुए घेर लिया. उसके बाद शहाबुद्दीन को पकड़ कर उग्र भीड़ ने गौ मांस के बारे में पूछा और लाठी से पिटाई शुरू कर दी.

सूत्रों के अनुसार, 50 लोगों की भीड़ की अगुवाई विश्व हिन्दू परिषद के सदस्यों द्वारा की जा रही थी. भीड़ का आरोप था कि शहाबुद्दीन और उनके पड़ोसियों ने पिछले रात गाय को काट कर उसका मांस खाया था.

हमला के तुरंत बाद, शहाबुद्दीन के कुछ मुस्लिम पड़ोसी और समुदाय के अन्य लोग समीप के गावं से वहां जमा हो गए. सूत्रों के अनुसार उन्हें भी शहाबुद्दीन के घर के अंदर बंधक बनाकर पीटा गया.

बिहार में गौ रक्षक योद्धाओं का कारनामा, गाय मांस के संदेह पर ट्रक ड्राईवर और दो अन्य लोगों की पिटाई

सूत्रों के अनुसार, गावं वालों द्वारा सूचना मिलने पर पुलिस की टीम वहां तुरंत पहुँच कर हमलावरों को रोका. चनपटिया थाना इंचार्ज राजेश झा, सिरिसिया पुलिस आउटपोस्ट के प्रमुख किरण शंकर, गोपालपुर थाना इंचार्ज युसूफ अंसारी और बेतिया डी एस पी संजय झा ने बड़ी कठिनाई से भीड़ को समझा बुझा कर रोका.

एक पुलिस अफसर के अनुसार, हमले में चार लोगों को चोट आई जिन्हें उपचार के लिए बेतिया अस्पताल भेज दिया गया. आश्चर्य की बात तो यह कि केवल अफवाह पर जिन लोगों की विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने पिटाई की पुलिस ने उन्हें ही गिरफ्तार किया और उन पर एफ.आई.आर भी दर्ज किया गया. जिन लोगों को एफ. आई. आर. में दर्ज नाम के आधार पर गिरफ्तार किया गया उनमें कुदुस कुरैशी (स्थानीय मुखिया के पति), नसरुद्दीन, मुस्तफ़ा, जहाँगीर, असलम अंसारी, बबलू और रिजवान हैं. इन पर हिन्दू धर्म के लोगों की जान-बूझ कर भावना आहत करने का धारा लगाया गया है और इसी आधार पर गिरफ़्तारी भी की गयी है.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट  के अनुसार, चनपटिया थाना इंचार्ज राजेश झा इस मामले की जांच में लगे हैं. झा से जब पूछा गया कि अब तक विश्व हिन्दू परिषद् के लोगों पर कोई कारवाई क्यों नहीं हुई तो उनहोंने कहा कि अभी इस मामले में कोई एफ आई आर दर्ज नहीं किया गया है.

इससे पहले भी ट्रक पर गौ मांस होने के शक में बिहार के भोजपुर ज़िला के शाहपुर गावं में में तीन लोगों की पिटाई कर दी गयी थी.

आश्चर्य की बात तो यह कि प्रधान मंत्री के बार बार ब्यान देने और विशेष रूप से लाल किला के प्राचीर से दिए गए भाषण के बाद यह सब हो रहा है. प्रधान मंत्री ने हाल ही में 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किला के प्राचीर से अपने भाषण में कहा कि “यह गांधी और बुद्ध की भूमि है यहाँ आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दिया जा सकता.”

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